भारत के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। 20 साल के लंबे इंतज़ार के बाद, राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की वापसी भारत में हो रही है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली’ की बैठक में 74 देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के पक्ष में मुहर लगा दी है। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी गुजरात का अहमदाबाद शहर करेगा।
क्यों खास हैं 2030 के खेल? (शताब्दी वर्ष)
यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक जश्न होगा। 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हुए थे। 2030 में इन खेलों को 100 साल पूरे हो जाएंगे। ऐसे में, भारत को इस ‘शताब्दी संस्करण’ (Centenary Edition) की मेजबानी मिलना देश की बढ़ती ग्लोबल साख का सबूत है। इससे पहले भारत ने 2010 में दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन किया था।
अहमदाबाद ने कैसे जीती बाजी?
मेजबानी की दौड़ में भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा शहर से था। लेकिन अहमदाबाद के वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर ने बाजी मार ली।
ग्लासगो में जैसे ही अहमदाबाद के नाम का ऐलान हुआ, वहां मौजूद भारतीय डेलिगेशन ने जश्न मनाया। वहां ‘गरबा’ और ढोल की थाप पर भारतीय संस्कृति की झलक भी पेश की गई, जिसने विदेशी मेहमानों का मन मोह लिया।
कहाँ होंगे मुकाबले? (World Class Venues)
अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव (SVP Sports Enclave) इन खेलों का मुख्य केंद्र होगा।
- नरेंद्र मोदी स्टेडियम: दुनिया का यह सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम उद्घाटन समारोह (Opening Ceremony) और बड़े आयोजनों का गवाह बनेगा।
- नया इंफ्रास्ट्रक्चर: तैराकी (Aquatics), एथलेटिक्स और इनडोर खेलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के नए स्टेडियम तैयार हैं या अंतिम चरण में हैं।
- यह आयोजन इतना कॉम्पैक्ट होगा कि खिलाड़ियों को एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू जाने में कम से कम समय लगेगा।
2036 ओलंपिक का रास्ता साफ?
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, भारत के उस बड़े सपने का ‘रिहर्सल’ है, जिसका नाम ओलंपिक 2036 है। भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी दावा पेश किया है। अगर 2030 का आयोजन सफल रहा, तो दुनिया के सामने भारत यह साबित कर देगा कि वह ओलंपिक जैसे महाकुंभ को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पीएम मोदी ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है और भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ दुनिया के खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
