सरगुजा: सरगुजा जिले को एक और नई पहचान मिलने जा रही है। देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे अब सरगुजा के मैनपाट में खुलने जा रहा है। इससे पहले अंबिकापुर नगर निगम ने वर्ष 2019 में देश का पहला शहरी गार्बेज कैफे शुरू किया था, जिसकी चर्चा विदेशों तक हुई और इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार मिले।
प्लास्टिक वेस्ट के खिलाफ अनोखी पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट को हतोत्साहित करने और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की जा रही है। मैनपाट के रोपाखर ग्राम पंचायत में यह गार्बेज कैफे खुलेगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि कैफे में जो भी व्यक्ति 1 किलो प्लास्टिक लाएगा, उसे नाश्ता मिलेगा और 2 किलो प्लास्टिक लाने पर खाना मिलेगा।
प्रशासन ने की तैयारी
मैनपाट जनपद पंचायत के सीईओ कुबेर सिंह उरेती ने जानकारी दी कि इस कैफे के संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय रेस्टोरेंट संचालक सिकंदर प्रजापति को दी गई है। प्लास्टिक वेस्ट को रीयूज करने वाले वेंडर इस प्लास्टिक को खरीदेंगे और उसका भुगतान सीधे रेस्टोरेंट संचालक को करेंगे। पंचायत की ओर से अन्य सहयोग भी किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय निवासी आकाश ने कहा कि मैनपाट एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, यहां साफ-सफाई बनाए रखने के लिए यह मॉडल बेहद सराहनीय है। इससे ग्रामीणों को मदद मिलेगी और पर्यावरण को भी लाभ होगा।
देश का पहला गार्बेज कैफे – अंबिकापुर
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2019 को अंबिकापुर नगर निगम ने देश का पहला शहरी गार्बेज कैफे शुरू किया था। इस अनोखे मॉडल ने शहर में प्लास्टिक वेस्ट को काफी हद तक कम किया और लोगों में जागरूकता भी बढ़ी।
