रायपुर | 21 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़ में बच्चों के सुरक्षित भविष्य और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए आज से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से प्रदेश के हर जिले, ब्लॉक और गांव में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है।
तीन दिनों तक चलेगा ‘सुरक्षा कवच’ का अभियान
यह अभियान मुख्य रूप से तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- 21 दिसंबर (आज): ‘बूथ दिवस’ – यहाँ माता-पिता अपने बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों में बने बूथ पर ले जाकर दवा पिला रहे हैं।
- 22 और 23 दिसंबर: ‘डोर-टू-डोर दस्तक’ – जो बच्चे आज किसी कारणवश छूट जाएंगे, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर खोजेंगी और दवा पिलाएंगी।
जिलों की तैयारियों पर एक नजर
- बस्तर: आदिवासी अंचलों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए 498 बूथ और 20 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। यहाँ लगभग 1.24 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है।
- बलौदाबाजार-भाटापारा: जिले में सबसे बड़ा लक्ष्य रखते हुए 1.80 लाख बच्चों के लिए व्यवस्था की गई है।
- राजनांदगांव व दुर्ग: इन जिलों में भी सुबह 8 बजे से ही बूथों पर पालकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
हाई-रिस्क क्षेत्रों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार ट्रांजिट और मोबाइल टीमों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला स्थलों, ईंट भट्टों और निर्माण स्थलों पर तैनात किया है। इसका उद्देश्य प्रवासी मजदूरों के बच्चों और यात्रा कर रहे परिवारों तक पहुंचना है ताकि एक भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से बाहर न रहे।
