छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ अभियान के आधिकारिक पोस्टर का अनावरण किया। विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्राकृतिक जल-स्रोतों, नदियों और तालाबों के संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
जल ही जीवन, महिलाएं प्रथम संरक्षक: मुख्यमंत्री
पोस्टर विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आर्द्रभूमियां हमारी सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा, “नदियां, तालाब, कुएं और पोखर केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। जब प्रदेश की मातृशक्ति इस पवित्र कार्य से जुड़ती है, तो वह निश्चित ही एक सफल जन-आंदोलन का रूप लेता है।”
नवागढ़ पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित करने की मांग
अभियान की संस्थापक और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने हेतु इसे ‘रामसर साइट’ घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ के माध्यम से पूरे प्रदेश में महिलाओं को संगठित कर जल-स्रोतों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित कई पर्यावरण प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
