खाद्य सुरक्षा विभाग जशपुर द्वारा 30 जून को जिला पंचायत कार्यालय में एक दिवसीय विशेष FSSAI लाइसेंस एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस शिविर में नए पंजीकरण, नवीनीकरण और नियमों में संशोधन की ऑन-स्पॉट सहायता मिलेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना वैध लाइसेंस के खाद्य व्यवसाय संचालित करने पर ₹10 लाख तक का भारी जुर्माना हो सकता है।
Month: June 2026
रानीदाह के रहस्यों और जशपुर की वादियों का असली रोमांच: ‘ट्रिपी हिल्स’ के साथ तय करें उत्तर छत्तीसगढ़ का सबसे यादगार सफर
पहाड़ों की गोद से गिरता दूधिया पानी और एक राजकुमारी के बलिदान की सदियों पुरानी दास्तान। जशपुर के इस अद्भुत ‘रानीदाह जलप्रपात’ का असली अनुभव और सुकून पाना चाहते हैं, तो उत्तर छत्तीसगढ़ का सबसे भरोसेमंद टूर ऑपरेटर ‘ट्रिपी हिल्स’ पर्यटकों के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।
“एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा”: जशपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आगाज़, 1.15 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
जशपुर जिले में विधायक रायमुनी भगत ने नवजात बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर महाअभियान की शुरुआत की। 28 से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में 1,205 बूथों और मोबाइल टीमों के जरिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित किया जाएगा।
मौसम की मार से अब नहीं होगा नुकसान! जशपुर के किसान फसल बीमा में जरूर लें ‘ऐड-ऑन’ कवर, जानें इसके फायदे
जलवायु परिवर्तन और अचानक होने वाली ओलावृष्टि से फसलों को बचाने के लिए जशपुर उद्यानिकी विभाग ने किसानों से खास अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत केवल बेसिक बीमा तक सीमित न रहें, बल्कि मामूली सा अतिरिक्त प्रीमियम देकर ‘ऐड-ऑन’ (Add-On) कवर भी जरूर लें, ताकि उनकी मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित रहे।
पोलियो के खिलाफ जंग: जशपुर में कल 1.15 लाख बच्चों को दी जाएगी ‘दो बूंद जिंदगी की’, कलेक्टर रोहित व्यास ने कसी कमर
जशपुर जिले में 28 जून से तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो रही है। 1,205 बूथों पर 4 हजार से ज्यादा वॉरियर्स तैनात रहेंगे। भारत भले ही सालों से पोलियो मुक्त है, लेकिन सरहदों के पार से आने वाले खतरे को देखते हुए प्रशासन एक भी बच्चा छूटने नहीं देना चाहता।
जशपुर की महिलाओं के हाथों में अब ‘ड्रोन’ की कमान: रायपुर में ट्रेनिंग ले रहीं ‘ड्रोन दीदियाँ’, खेती में दिखेगा आधुनिक तकनीक का दम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर की स्व-सहायता समूह की महिलाएं रायपुर के ITM विश्वविद्यालय में ले रही हैं ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण।
सुरक्षित उड़ान, रिमोट पायलटिंग और फसलों पर कीटनाशकों व नैनो यूरिया के वैज्ञानिक छिड़काव के गुर सीख रहीं ग्रामीण महिलाएं।
’नमो ड्रोन दीदी’ योजना के तहत महिलाओं को ‘कृषि उद्यमी’ बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी मुहिम।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असर: जशपुर परिवहन विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर दूर की आवेदक की उलझन, शिकायत का हुआ संतोषजनक निपटारा
झारखंड के वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन एनओसी की सुविधा न मिलने पर आवेदक ने हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी शिकायत।
जशपुर जिला परिवहन कार्यालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आवेदक से फोन पर किया संपर्क, नियमों की दी पूरी जानकारी।
ऑनलाइन विकल्प न होने पर विभाग ने ऑफलाइन एनओसी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की सूची समझाई।
समयबद्ध और पारदर्शी समाधान से आवेदक संतुष्ट, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बन रही आम जनता और प्रशासन के बीच मजबूत कड़ी।
बगीचा में दिव्यांगजनों के लिए लगा विशेष शिविर: 368 को मिला सीधा लाभ, 88 वर्षीय सालो देवी को मिला ‘सुनने का सहारा’
एक ही छत के नीचे समाधान: बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित शिविर में 368 दिव्यांगजनों की समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरण।
जशपुर में नाबार्ड के स्वतंत्र कार्यालय का शुभारंभ; प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ₹1428 करोड़ की ऋण योजना जारी
अब तक रायगढ़ से संचालित होने वाला नाबार्ड का काम अब जशपुर से ही होगा, जिससे स्थानीय किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
बड़ा वित्तीय लक्ष्य: कृषि क्षेत्र के लिए ₹865 करोड़ और जिले के कुल प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ₹1428 करोड़ की संभाव्यता आधारित ऋण योजना (PLP) जारी।
आदिवासी परिवारों को लाभ: वाड़ी परियोजना के तहत 13,000 से अधिक आदिवासी परिवारों ने पिछले 5 वर्षों में ₹100 करोड़ से ज्यादा का संचयी लाभ कमाया।
प्रसंस्करण (Processing) पर जोर: जिला पंचायत सीईओ ने बागवानी विकास की सराहना करते हुए अब फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
जशपुर के बोड़ालाता गाँव में लौटी रोशनी: हाथी प्रभावित क्षेत्र में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर; ग्रामीणों ने जताया सीएम साय का आभार
जशपुर के कुनकुरी विकासखंड के एक छोटे से गाँव बोड़ालाता में लंबे समय से अंधेरा पसरा था। बरसात की शुरुआत और हाथियों के खतरे के बीच जूझ रहे ग्रामीणों की गुहार जब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय (बगिया) पहुँची, तो प्रशासन ने तत्परता दिखाई। त्वरित कार्रवाई करते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदला गया और गाँव में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
