रायपुर, 06 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में जनजातीय संस्कृति और बलिदान की गौरव गाथा को नया आयाम मिलने वाला है। शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के ‘फेस-2’ का निर्माण कार्य जल्द ही प्रारंभ किया जाएगा। इस नए चरण में एक भव्य कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
प्रमुख सचिव ने दिए कार्ययोजना के निर्देश
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) में आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स और विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने संग्रहालय के दूसरे चरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। श्री बोरा ने फेस-2 के तहत आकर्षक बागवानी, परिसर में स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
क्या-क्या होंगी सुविधाएं?
संग्रहालय के फेस-2 को केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार होंगी:
- भव्य कन्वेंशन सेंटर: इसमें बड़ा ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी और प्रदर्शनी हॉल होगा।
- प्रशासनिक सुविधाएं: मीटिंग रूम और प्रशासनिक भवन का निर्माण।
- फूड और कल्चर: परिसर में फूड कोर्ट, कैफेटेरिया और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के लिए ‘गढ़ कलेवा’ के साथ अन्य दुकानें भी खोली जाएंगी।
रजत जयंती वर्ष की बड़ी उपलब्धि
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, 1 नवंबर 2025 को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस संग्रहालय के प्रथम चरण का शुभारंभ किया था। इससे पूर्व मई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनजातीय जीवन शैली पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन किया था। इन संग्रहालयों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब फेस-2 के कार्य में तेजी लाई जा रही है।
बैठक में संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने संग्रहालय के डिजाइन और लेआउट पर विस्तार से चर्चा की।
