छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का गरिमामय शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना और गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण कर पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई। यह पदयात्रा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और पावन धाम गिरौदपुरी के लिए रवाना हुई है।
सामाजिक समरसता का महासंदेश
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा का अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज भी संपूर्ण मानव जाति के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ में आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को नई मजबूती प्रदान करेगी।
”हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। सामाजिक हितों को प्राथमिकता देने के लिए विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है।” – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
5 दिनों में 145 किमी का सफर
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में आयोजित यह यात्रा 18 से 22 फरवरी तक संचालित होगी।
- दूरी: लगभग 145 किलोमीटर से अधिक।
- मार्ग: यात्रा 40 से अधिक गांवों और शहरों से होकर गुजरेगी।
- मुख्य आकर्षण: रास्ते में पंथी नृत्य, सतनाम अखाड़ा प्रदर्शन और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम (नशामुक्ति, स्वच्छता) आयोजित किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने पदयात्रा को सामाजिक चेतना का महाअभियान बताते हुए सभी से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट उपस्थिति
इस अवसर पर धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित संत समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे। पदयात्रा का समापन 22 फरवरी को गिरौदपुरी धाम में विशाल मेले के साथ होगा।
Excerpt: रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक 5 दिवसीय ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मोवा में हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रवाना किया और गुरु घासीदास के सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
