जशपुर को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन सख्त: कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा फैसला, नशे के आदी सरकारी कर्मचारियों को जाना होगा नशा मुक्ति केंद्र

जशपुरनगर, 25 मई 2026:

​जशपुर जिले को पूरी तरह से नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक और बेहद सख्त कार्ययोजना तैयार की है। सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय पोर्टल (NCORD) समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

​इस बैठक में कलेक्टर श्री व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।

स्कूलों के पास तंबाकू बैन, दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट

​प्रशासन का सबसे ज्यादा ध्यान नई पीढ़ी को नशे की गर्त से बचाना है। इसके लिए कोटपा (COTPA) एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं:

  • प्रतिबंध: स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गुटखा, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • सख्त कार्रवाई: यदि कोई दुकानदार इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर न केवल जुर्माना लगेगा बल्कि गुमास्ता एक्ट के तहत उसकी दुकान का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
  • जागरूकता अभियान: समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मेडिकल स्टोर्स और हाईवे के ढाबों पर पैनी नजर

​नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर जांच करने को कहा गया है:

  1. ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश: जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की जाए ताकि प्रतिबंधित और नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके।
  2. CCTV अनिवार्य: सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
  3. आबकारी विभाग एक्शन में: हाईवे पर स्थित होटलों और ढाबों में अवैध रूप से परोसी जाने वाली शराब पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार छापेमारी करेगा।
  4. नारकोटिक्स हेल्पलाइन: 1933
  5. नशामुक्ति सहायता: 14446

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