एकलव्य विद्यालय के धीमे निर्माण पर नाराज हुए जशपुर कलेक्टर, फरसाबहार में अफसरों को दो टूक— ‘समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों काम’

जशपुर/फरसाबहार।

शासकीय निर्माण कार्यों में लेटलतीफी और गुणवत्ता से समझौता अब जशपुर जिले में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। बीते गुरुवार को जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने फरसाबहार विकासखंड का दौरा किया, जहां उन्होंने करोड़ों की लागत से बन रहे विभिन्न सरकारी भवनों और छात्रावासों की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर काम की धीमी रफ्तार देखकर कलेक्टर ने अधिकारियों की क्लास भी लगाई।

​कलेक्टर व्यास ने फरसाबहार में निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास और हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए जा रहे शासकीय आवासों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानक सर्वोपरि हैं और हर हाल में प्रोजेक्ट्स अपनी तय समय-सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।

एकलव्य विद्यालय: 39 करोड़ का प्रोजेक्ट, सुस्ती पर भड़के कलेक्टर

​निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा फोकस निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पर रहा। कलेक्टर ने जब देखा कि काम की गति काफी धीमी है, तो उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों पर खासी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में तत्काल तेजी लाई जाए।

​आपको बता दें कि यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए एक ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ है। लगभग 6.07 हेक्टेयर के विशाल परिसर में 39.74 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से इसका निर्माण हो रहा है। इसके बन जाने से ग्रामीण अंचल के बच्चों को महानगरों की तर्ज पर आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और बेहतरीन खेल मैदान की सुविधा मिलेगी। यहां निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष ‘सुलभ भवन’ जैसी तमाम सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे में इसके निर्माण में देरी छात्रों का ही नुकसान है।

दूरस्थ अंचल के छात्रों के लिए वरदान बनेगा 50 सीटर हॉस्टल

​एकलव्य विद्यालय के बाद कलेक्टर व्यास का काफिला प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के पास ही बन रहे नए पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास पहुंचा। 1.91 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस 50 सीटर छात्रावास का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। कलेक्टर ने कहा कि यह हॉस्टल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले उन बच्चों के लिए बड़ा सहारा बनेगा, जिन्हें आवास की दिक्कत के चलते पढ़ाई में परेशानी होती है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि इसका निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा किया जाए ताकि छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।

सरकारी कर्मचारियों के आवासों में न हो बिजली-पानी की किल्लत

​अपने दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर ने फरसाबहार में हाउसिंग बोर्ड (छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल) द्वारा तैयार किए जा रहे शासकीय आवासों का भी मुआयना किया। यहां कर्मचारियों के लिए एफ (6 आवास), जी (8 आवास) और एच (6 आवास) श्रेणी के क्वार्टर बनाए जा रहे हैं।

​कलेक्टर ने इन भवनों का मुआयना करते हुए कहा कि सिर्फ इमारत खड़ी करना काफी नहीं है, अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हैंडओवर करने से पहले इन आवासों में पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह से सुचारू हों। सरकारी कर्मचारियों को रिहायश के दौरान कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।

​इस अहम निरीक्षण के दौरान फरसाबहार के एसडीएम श्री ओंकारेश्वर सिंह और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित निर्माण एजेंसियों के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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