जशपुर में विकास कार्यों पर कलेक्टर सख्त: ‘बरसात से पहले पूरा करें काम, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’, ‘सुशासन तिहार’ की शिकायतों पर मांगा त्वरित प्रस्ताव

जशपुरनगर, 26 मई 2026

​जशपुर जिले में रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देने और निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के महत्वपूर्ण विभागों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल संसाधन विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों से उनके विभागों में चल रहे प्रोजेक्ट्स का हिसाब-किताब मांगा।

​कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति (पूरे हो चुके, अधूरे और शुरू न होने वाले काम) की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी काम में लेटलतीफी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘सुशासन तिहार’ का असर: जनता की शिकायतों पर तुरंत एक्शन

​इन दिनों जिले में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ग्रामीण सड़क योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सुशासन तिहार’ शिविरों के दौरान जनता की तरफ से जो भी आवेदन सड़क निर्माण या मरम्मत के लिए आए हैं, उन पर कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहें। अधिकारी तुरंत उन स्थानों का जमीनी निरीक्षण (Site Inspection) करें और आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द प्रस्तुत करें ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

बरसात से पहले तेज करें काम

​मानसून की दस्तक को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सड़क निर्माण एजेंसियों को चेताया कि बरसात से पहले सभी महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि बारिश के दिनों में ग्रामीणों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बांधों, नहरों और छात्रावासों की भी हुई मॉनिटरिंग

​बैठक में सड़क के अलावा अन्य बुनियादी ढांचों पर भी गहन चर्चा हुई:

  • जल संसाधन विभाग: कलेक्टर ने जिले में बन रहे बांध, बैराज, नहर प्रणाली, एनीकट और स्टॉप डैम के कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने जनता के लिए इन संरचनाओं की उपयोगिता पर जोर देते हुए लंबित पड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
  • आदिम जाति कल्याण विभाग: आदिवासी बच्चों के भविष्य से जुड़े छात्रावास निर्माण और आश्रमों के रखरखाव की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को मिलने वाली इन सुविधाओं के निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।

डिजिटल निगरानी: ‘निर्माण ऐप’ पर देनी होगी पल-पल की अपडेट

​पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए कलेक्टर श्री व्यास ने तकनीक का सहारा लेने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने निर्माण कार्यों की ताज़ा स्थिति और अपडेट्स नियमित रूप से ‘निर्माण ऐप’ (Nirman App) पर अपलोड करें। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को खुद साइट पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता परखने और नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

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