जशपुर, 29 मई 2026:
जशपुर जिले के उन गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों के लिए एक बहुत अच्छी और राहत भरी खबर है, जिनके बच्चे कक्षा 1 से 10वीं में पढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार की अनुसूचित जाति प्री-मैट्रिक योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए अब एक बड़ी कागजी अड़चन दूर हो गई है। छात्रवृत्ति के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज—‘अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र’ (Unclean Occupation Certificate)—अब पूरी तरह से ऑनलाइन बनेगा।
अभी तक इस प्रमाण पत्र को बनवाने के लिए पालकों को दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान भी होता था। लेकिन अब लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर के निर्देश पर चिप्स (CHIPS) ने इस व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और ‘लाइव’ कर दिया है।
जाति-निवास प्रमाण पत्र की तरह आसान हुई प्रक्रिया
अब यह प्रमाण पत्र बिल्कुल वैसे ही आसानी से बन जाएगा, जैसे आप अपने बच्चों का जाति, निवास या आय प्रमाण पत्र बनवाते हैं। इसके लिए अभिभावक अपने नजदीकी अनुविभागीय अधिकारी (SDM), तहसीलदार कार्यालय या किसी भी लोक सेवा केंद्र (Choice Center) में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए बस ये 3 चीजें जरूरी होंगी:
- ₹10 का स्टाम्प पेपर: इस पर एक शपथ पत्र (Affidavit) तैयार करना होगा।
- आवेदन फॉर्म: जिस पर स्थानीय सरपंच, पार्षद या पटवारी के हस्ताक्षर (Verification) होने जरूरी हैं।
- ऑनलाइन सबमिशन: इसे लोक सेवा केंद्र में जमा करना होगा।
कक्षा 1 से 10वीं तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
इस योजना (Component-II) के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़े/वंचित वर्ग के उन सभी परिवारों के बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके माता-पिता अस्वच्छ व्यवसायों (जैसे सफाई कार्य आदि) में लगे हैं। ऑनलाइन सर्टिफिकेट बनने से इन बच्चों को समय पर स्कॉलरशिप मिल सकेगी, जिससे उनकी पढ़ाई बीच में नहीं छूटेगी।
स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश:
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय जशपुर ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), प्राचार्यों और प्राथमिक-मिडिल स्कूलों के प्रधानपाठकों को साफ निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में इसका जमकर प्रचार-प्रसार करें। खुद आगे बढ़कर ऐसे परिवारों की पहचान करें और उनके बच्चों के ऑनलाइन फॉर्म भरवाने में मदद करें, ताकि कोई भी पात्र बच्चा इस योजना से न छूटे।
अगर आपके आस-पास भी कोई ऐसा बच्चा है, तो उसे या उसके माता-पिता को इस नई ऑनलाइन व्यवस्था के बारे में जरूर बताएं ताकि वे समय रहते इसका लाभ उठा सकें।
