स्वच्छता की दिशा में लुडेग पंचायत की बड़ी पहल: कल से शुरू होगा घर-घर कचरा उठाव, दुकानदारों ने दी ‘यूजर चार्ज’ पर सहमति

जशपुरनगर/लुडेग, 27 मई 2026।

जशपुर जिले के ग्राम पंचायत लुडेग ने स्वच्छता और ग्राम विकास की दिशा में एक नई और सकारात्मक पहल की है। गांव को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए पंचायत स्तर पर एक विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़कों के किनारे, बाजार क्षेत्र और बस स्टैंड परिसर की व्यापक रूप से सफाई की गई, जिसने पूरे गांव में स्वच्छता के प्रति एक नया संदेश दिया है।

​इस जन-जागरूकता अभियान में सरपंच श्रीमती शुक्तला के साथ ग्रामवासी, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं और साफ-सफाई के कार्य में लगी स्वच्छता दीदियों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभाई।

​कल से शुरू होगा घर-घर कचरा संग्रहण

​गांव में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए पंचायत ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अभियान के दौरान ग्रामीणों के साथ चर्चा के बाद यह तय किया गया कि अब कचरा इधर-उधर नहीं फेंका जाएगा। गुरुवार (अगले दिन) से गांव में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था नियमित रूप से शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए स्वच्छता दीदियों की टीम प्रतिदिन हर घर तक पहुंचेगी।

​दुकानदारों ने दिखाया सहयोग, यूजर चार्ज पर बनी सहमति

​अक्सर देखा जाता है कि बाजार क्षेत्रों में कचरे का अंबार लग जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान और स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों ने स्थानीय दुकानदारों के साथ एक अहम बैठक की। चर्चा के दौरान सभी दुकानदारों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया और नियमित सफाई के एवज में ‘यूजर चार्ज’ (उपयोगकर्ता शुल्क) देने पर अपनी सहमति जता दी। पंचायत का मानना है कि इस जनभागीदारी से गांव की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।

​स्वच्छता दीदियों को मिला लंबित भुगतान

मेहनत का मिला सिला: गांव को स्वच्छ रखने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं (स्वच्छता दीदियों) के लिए भी यह अभियान खुशियां लेकर आया। सरपंच श्रीमती शुक्तला की विशेष पहल पर महिलाओं की पूर्व से लंबित राशि का तत्काल भुगतान कराया गया। अपनी मेहनत का पैसा मिलते ही महिलाओं ने खुशी जाहिर की और पंचायत प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

​ग्राम पंचायत लुडेग की इस सामूहिक पहल से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति न सिर्फ सकारात्मक जागरूकता बढ़ी है, बल्कि यह कदम गांव को एक मॉडल ग्राम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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