जशपुरनगर, 30 मई 2026
बढ़ती तपिश के बीच जहां आम लोग हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिलों से परेशान हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी व्यवसायी प्रभाष कुमार जैन के चेहरे पर एक अलग ही सुकून है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उनके लिए एक बड़ी आर्थिक राहत बनकर आई है।
प्रभाष जैन ने अपनी घरेलू बिजली की जरूरतों को आत्मनिर्भर तरीके से पूरा करने के लिए अपने घर की छत पर 5 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर पावर सिस्टम स्थापित कराया है। इस बदलाव के बाद अब वे बेफिक्र होकर बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।
₹78,000 की सब्सिडी ने आसान की राह
एक मध्यमवर्गीय या कारोबारी परिवार के लिए एकमुश्त बड़ा निवेश करना हमेशा आसान नहीं होता। प्रभाष जी बताते हैं कि इस 5 किलोवाट के सोलर सिस्टम को लगाने में कुल खर्च ₹3.50 लाख आया। लेकिन केंद्र और राज्य शासन के सहयोग से उन्हें ₹78,000 की मोटी सब्सिडी सीधे तौर पर मिल गई। इस आर्थिक सहायता ने स्थापना की लागत के बोझ को काफी हद तक कम कर दिया, जिससे उनके लिए यह फैसला लेना बेहद आसान हो गया और ₹2.72 लाख के नेट निवेश में उनका काम पूरा हो गया।
”अब भारी बिलों की चिंता गुजरे जमाने की बात”
अपनी खुशी साझा करते हुए श्री प्रभाष जैन कहते हैं—
“हमारे घर में हर महीने लगभग ₹4,000 से ₹5,000 तक बिजली बिल आता था, जो एक बड़ा मासिक खर्च था। सोलर पैनल लगने के बाद अब शुरुआती महीनों से ही इस खर्च में भारी कटौती दिखने लगी है। इसका सीधा आर्थिक लाभ अब हमारे बजट में साफ महसूस हो रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन थी, जो इतनी सरल और पारदर्शी थी कि मुझे किसी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़े और न ही कोई परेशानी हुई।”
स्वच्छ और सस्ती बिजली से बदल रहा है जशपुर
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर परिवार को स्वच्छ, सस्ती और चौबीसों घंटे बिना रुकावट के बिजली उपलब्ध कराना है। जशपुर जिले में प्रशासन की सक्रियता और मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस योजना के प्रति भारी उत्साह दिखा रहे हैं।
प्रभाष जैन जैसे सैकड़ों हितग्राही अब न केवल अपने घरों का बिजली बिल ‘जीरो’ या नाममात्र का कर रहे हैं, बल्कि सौर ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। प्रभाष जी की मानें तो यह योजना आम परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि अब वे बिना किसी मानसिक बोझ के लगातार बिजली का आनंद ले सकते हैं।
