मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)।
जिले में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर पर मौजूद पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में खड़गवां विकासखंड के ग्राम कदरेवा की निवासी रामकली के लिए ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) मातृ एवं शिशु देखभाल के लिए मजबूत संबल साबित हुई है। परिवार में दूसरी संतान के रूप में कन्या का जन्म होने पर उन्हें योजना के तहत ₹6,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दी जानकारी, घर बैठे कराया पंजीयन
ग्राम कदरेवा निवासी रामकली ने बताया कि जब उनकी दूसरी संतान के रूप में बेटी ने जन्म लिया, तब गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उनसे संपर्क कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी। कार्यकर्ता ने योजना की पात्रता, मिलने वाले वित्तीय लाभ और पोषण के महत्व को समझाते हुए आवश्यक कागजी कार्रवाई व पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित समय में उनके खाते में ₹6 हजार की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित कर दी गई।
रामकली ने इस सहयोग के लिए स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु के पालन-पोषण और पौष्टिक आहार की जरूरतों को पूरा करने में यह राशि बेहद मददगार साबित हुई है।
क्या है योजना के तहत वित्तीय प्रावधान?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना और प्रसव के दौरान मजदूरी के नुकसान की आंशिक भरपाई करना है:
- प्रथम जीवित संतान पर: पात्र महिला को निर्धारित स्वास्थ्य मानकों और टीकाकरण के आधार पर कुल ₹5,000 की राशि किस्तों में दी जाती है।
- दूसरी संतान बालिका होने पर: कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और बालिका शिक्षा-स्वास्थ्य को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दूसरी संतान बालिका होने की स्थिति में ₹6,000 की एकमुश्त राशि का विशेष प्रावधान है।
सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव पर जोर
इस योजना के तहत वित्तीय मदद के साथ-साथ संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी), समय पर प्रसव पूर्व जांच (ANC), नियमित टीकाकरण तथा आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं के सेवन को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक, एमसीपी कार्ड (MCP Card) और शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेज नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
