माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  • राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
  • महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा निरंतर संबल
  • 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, ₹650 करोड़ की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी

रायपुर, 22 सितंबर:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित पारंपरिक तीज मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से जुटी महिलाओं से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं और लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया।

सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सर्वोच्च स्थान

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को पूजनीय माना गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मां परिवार की पहली शिक्षक होती है। उसके त्याग और संस्कारों से सशक्त परिवार, समाज और अंततः समृद्ध राज्य का निर्माण होता है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का भागीदार मानती है।

महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी से आत्मनिर्भरता की राह

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का ब्योरा देते हुए बताया:

  • महतारी वंदन योजना: प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। अब तक 31 किश्तों के जरिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, सुकन्या समृद्धि योजना में बचत और छोटे स्वरोजगार के लिए कर रही हैं।
  • लखपति दीदी अभियान: प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में आ चुकी हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।

₹650 करोड़ की लागत से बनेगी फिल्म सिटी

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में फिल्म निर्माण और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

बुनियादी ढांचे का विकास और नक्सलवाद पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल में हुए बुनियादी विकास और पीडीएस व्यवस्था का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों के साहस से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल कर रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी भय था, वहां अब शांति और विकास की नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री ने लोकगीत से किया स्वागत, गणेश वंदना से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर स्थापित भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। राजस्व मंत्री वर्मा ने अपने जीवन के शुरुआती संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर जनता की सेवा करना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाकर उपस्थित मातृशक्ति का अभिनंदन किया।

वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, श्रीमती वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में कलाकार, गणमान्य नागरिक और महिलाएं उपस्थित रहीं।

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