मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं की त्वरित सुनवाई और समयबद्ध निराकरण के लिए शुरू की गई प्रशासनिक व्यवस्था का सीधा असर अब धरातल पर नजर आ रहा है। शासन की महत्वाकांक्षी ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर दर्ज कराई गई एक आम नागरिक की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग ने फौरी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में अवैध रेत परिवहन में लिप्त 4 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल गठित हुई जांच टीम
जिले में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा खनिज अमले को सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
इसी बीच सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर कोलबिर्रा, पथर्रा एवं मटियाडाड़ अंचल में बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही खनिज विभाग की टीम ने बिना देरी किए बताए गए चिन्हित स्थानों पर दबिश दी और मौके पर रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 4 ट्रैक्टर वाहनों को धर दबोचा।
कोटमी चौकी में सुरक्षित खड़े किए गए जब्त वाहन
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सभी चारों ट्रैक्टरों को पुलिस अभिरक्षा में कोटमी चौकी परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार:
- कड़े कानूनी प्रावधान: संबंधित वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।
- अर्थदंड व जब्ती: अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में नियमानुसार भारी जुर्माना लगाने और जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
- लगातार निगरानी: खनिज अमले ने स्पष्ट किया है कि नदियों, घाटों और संवेदनशील मार्गों पर गश्त आगे भी अनवरत जारी रहेगी।
त्वरित निवारण तंत्र से नागरिकों में बढ़ा विश्वास
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से हुई इस त्वरित कार्रवाई ने यह सिद्ध किया है कि नागरिकों की शिकायतों को अब दफ्तरों की फाइलों में दबाया नहीं जा रहा, बल्कि डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए संबंधित विभागों द्वारा उनका त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
राज्य सरकार के आधिकारिक शिकायत निवारण पोर्टल और हेल्पलाइन व्यवस्था से आम जनता घर बैठे ही अपनी समस्याएं दर्ज करा रही है और सीधे अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति (Status Track) देख पा रही है। सुशासन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में सीएम हेल्पलाइन की यह सक्रियता जनसमस्याओं के समाधान का एक मजबूत और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है।
