रायपुर साहित्य उत्सव के श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में अभिनेता सत्यजीत दुबे ने सिनेमा, संघर्ष और कहानियों पर खुलकर बात की। बिलासपुर में जन्मे सत्यजीत ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लोकजीवन और साहित्य भारतीय सिनेमा के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने ओटीटी, थिएटर और अपने मुंबई सफर के अनुभव साझा किए।
