जशपुर में किसानों की किस्मत बदल रही ‘नाशपाती’ की मिठास: 5 एकड़ में खेती कर अनिल एक्का ने गढ़ी सफलता की कहानी

जशपुर, 26 मई 2026

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में कृषि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। यहां के किसानों को नगदी फसलों और फलों की उन्नत खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की इसी पहल का सुखद परिणाम जिले के सन्ना तहसील और उसके आस-पास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां ‘नाशपाती’ की बंपर पैदावार अब किसानों के जीवन-यापन और आर्थिक तरक्की का एक मजबूत साधन बन गई है।

​इस बदलाव की जीती-जागती मिसाल हैं करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के रहने वाले प्रगतिशील किसान श्री अनिल एक्का।

4 से 5 एकड़ में लहलहा रहे नाशपाती के बागान

​अनिल ने लीक से हटकर कुछ नया करने की ठानी और अपनी 4 से 5 एकड़ निजी भूमि पर नाशपाती की खेती शुरू की। आज उनके बागान फलों से लदे हुए हैं। अनिल बताते हैं कि उनकी इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ शासन की किसान-हितैषी योजनाओं और ‘नाबार्ड’ (NABARD) का बड़ा हाथ है।

सिंचाई के लिए मिला कुआं-पंप, वैज्ञानिकों ने दिखाई सही राह

​किसानों की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई की होती है। अनिल को इस परेशानी से उबारने के लिए नाबार्ड की योजना के तहत खेत में ही कुआं और मोटर पंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पानी की पर्याप्त उपलब्धता ने फसल को संजीवनी दे दी।

​इसके अलावा, समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों की टीम उनके खेतों का दौरा कर मिट्टी और पौधों का परीक्षण करती है। अनिल वैज्ञानिकों की सलाह और उनके द्वारा सुझाए गए बेहतर उत्पादन के उपायों को पूरी लगन से अपनाते हैं। इसी वैज्ञानिक दृष्टिकोण का नतीजा है कि अनिल के खेतों में नाशपाती का उत्पादन साल-दर-साल बढ़ता ही जा रहा है।

पड़ोसी राज्यों तक पहुंची जशपुर की नाशपाती की मांग

​जशपुर के ठंडे और अनुकूल मौसम में उगी नाशपाती की गुणवत्ता इतनी बेहतरीन है कि इसकी मांग सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। अनिल ने बताया कि उनकी फसल की डिमांड छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की मंडियों में भी खूब हो रही है, जिससे उन्हें अपनी उपज का शानदार दाम मिल रहा है।

​अपनी इस आर्थिक उन्नति और खुशहाली से गदगद अनिल एक्का ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है। अनिल जैसे किसान आज पूरे जशपुर जिले के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं, जो यह साबित कर रहे हैं कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सही इस्तेमाल से खेती को घाटे के बजाय मुनाफे का सौदा बनाया जा सकता है।

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