जशपुरनगर, 27 मई 2026:
जशपुर जिले में आसमान से बरसती आग और 43 डिग्री के पार पहुंच चुके पारे ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। लू (Heatwave) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। हाल ही में बरामदे में बेड लगाकर हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज की आई कुछ शिकायतों का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जशपुर की पहाड़ी और वनांचल भौगोलिक स्थिति को देखते हुए दूरदराज के गांवों तक राहत पहुंचाने की विशेष रणनीति बनाई गई है।
स्पेशल वार्ड्स में बाथ टब और आइस पैक की व्यवस्था
गर्मी की विभीषिका से निपटने के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर के साथ-साथ पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा, दुलदुला सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में विशेष हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट रूम चालू कर दिए गए हैं। गंभीर मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत सामान्य करने के लिए इन वातानुकूलित वार्डों में विशेष बाथ टब, आइस पैक, कूलर और आधुनिक कूलिंग उपकरण लगाए गए हैं।
गांवों में मितानिनें संभालेंगी मोर्चा, दवाओं का बफर स्टॉक तैयार
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक जीवन रक्षक दवाओं की कमी न हो, इसके लिए ओआरएस (ORS) पैकेट्स, जरूरी दवाइयों और ड्रिप का पर्याप्त बफर स्टॉक एडवांस में भेज दिया गया है। मैदानी स्तर पर मितानिनें घर-घर जाकर उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की पहचान कर रही हैं और उन्हें तुरंत मौके पर ही ओआरएस उपलब्ध करा रही हैं।
हाट-बाजारों और चौक-चौराहों पर विशेष नजर
जशपुर के ग्रामीण इलाकों की लाइफलाइन माने जाने वाले साप्ताहिक हाट-बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वहां पेयजल और ओआरएस वितरण के विशेष काउंटर लगाए हैं। अंदरूनी वनांचल क्षेत्रों में चलने वाली मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को भी आपातकालीन दवाओं और कूलिंग पैक्स से लैस किया गया है। इसके अलावा, नगर निकायों और पीएचई (PHE) विभाग के सहयोग से प्रमुख बस स्टैंडों और चौक-चौराहों पर प्याऊ घर शुरू किए गए हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के आधार पर मुनादी और मोबाइल मैसेज के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की जरूरी सलाह: दोपहर में निकलने से बचें
सीएमएचओ ने आम जनता से अपील की है कि बहुत जरूरी न हो तो सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच तेज धूप में बाहर न निकलें।
- क्या करें: घर से निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें, लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ या आम का पना पीते रहें।
- लक्षण दिखने पर क्या करें: यदि तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी या अचानक तेज बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो बिना लापरवाही किए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें या 108 एम्बुलेंस सेवा की मदद लें।
