गांव-गांव पहुंच रहा ‘सुशासन’: कस्तूरा शिविर में हितग्राहियों के खिले चेहरे, 6 को मिला पेंशन का सहारा और 8 को श्रम कार्ड की सौगात

जशपुर, 28 मई 2026।

सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी अब खत्म हो रही है और प्रशासन खुद चलकर ग्रामीणों के पास आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विज़न और नेतृत्व में जशपुर जिले में चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के तहत यह सकारात्मक तस्वीर रोज़ देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को दुलदुला विकासखंड के ग्राम कस्तूरा में एक वृहद जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जो कई ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया।

​इस शिविर का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से सीधे तौर पर जोड़ना था।

​बुज़ुर्गों और ज़रूरतमंदों को मिला पेंशन का सहारा

​ग्रामीण अंचलों में बुज़ुर्गों के लिए पेंशन एक बड़ा आर्थिक सहारा होती है। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव ने 6 पात्र हितग्राहियों को मुख्यमंत्री पेंशन योजना के स्वीकृति आदेश अपने हाथों से सौंपे। पेंशन का आदेश पत्र हाथ में आते ही इन हितग्राहियों के चेहरे पर एक गहरी तसल्ली और खुशी देखने को मिली।

​इसके अलावा एक अन्य ज़रूरतमंद हितग्राही को सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी स्वीकृत की गई।

पेंशन योजना से लाभान्वित हितग्राही (ग्राम जामपानी):

  • ​मोहन प्यारे
  • ​रामकृष्ण
  • ​लाल मोहन राम
  • ​रामेश्वर राम
  • ​सुखदेव राम
  • ​तेजू राम
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन: मनीष कुमार राम

​श्रमिकों को श्रम कार्ड की सौगात, अब मिलेगा योजनाओं का लाभ

​पेंशन के साथ-साथ शिविर में श्रम विभाग की योजनाओं का भी सीधा लाभ दिया गया। 8 ऐसे श्रमिक हितग्राही, जो अब तक विभाग की योजनाओं से वंचित थे, उन्हें मौके पर ही श्रम कार्ड (Labour Card) का वितरण किया गया। श्रम कार्ड बनने से अब इन ग्रामीणों को सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य, शिक्षा और बीमा जैसी कई लाभकारी योजनाओं का सीधा फायदा मिल सकेगा।

श्रम कार्ड से लाभान्वित हितग्राही:

  • ग्राम रायडीह से: लक्ष्मी बाई, विनीता खाखा, कमला बाई, देवनाथ यादव, सुमन एक्का, मुक्ति खाखा और मनपति बाई।
  • ग्राम कोरना से: मन्दिका।

​प्रशासन और जनता के बीच बढ़ रहा विश्वास

​कस्तूरा में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की कई अन्य समस्याओं को भी गंभीरता से सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। ‘सुशासन तिहार’ के तहत लग रहे इन शिविरों ने साबित कर दिया है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ ज़मीनी स्तर पर उतरता है, तो अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी विकास और राहत की रौशनी पहुँच ही जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *