जशपुर: जनगणना प्रशिक्षण से नदारद रहना शिक्षक को पड़ा भारी; सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला तत्काल प्रभाव से निलंबित

भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, लेकिन इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला ब्लॉक से एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहाँ एक सहायक शिक्षक को उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण निलंबित कर दिया गया है।

प्रशिक्षण से गायब रहना पड़ा महंगा

​मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण (15 से 17 अप्रैल 2026) से जुड़ा है। यह प्रशिक्षण जनगणना के प्रथम चरण—’भवन क्रमांकन एवं मकान सूचीकरण’—के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तैयार करने हेतु आयोजित किया गया था।

​तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक शाला सरहापानी (पतराटोली) में पदस्थ सहायक शिक्षक श्री सत्यजीत निराला इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अनुपस्थित पाए गए।

नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

​प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री निराला को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया था:

  • 19 अप्रैल 2026: पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
  • 21 अप्रैल 2026: जिला स्तर से पुनः नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।

​हैरानी की बात यह है कि शिक्षक द्वारा इन दोनों नोटिसों का कोई प्रत्युत्तर (Reply) पेश नहीं किया गया। अधिकारियों ने इसे उच्चाधिकारियों के निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही माना।

नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई

​जांच में दोषी पाए जाने पर, श्री निराला का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 का सीधा उल्लंघन पाया गया। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन की शर्तें:

  • मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, दुलदुला तय किया गया है।
  • भत्ता: नियमानुसार, उन्हें इस अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

प्रशासन का संदेश:

इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे आवंटित कार्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें।

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