जशपुर: साइबर अपराधों और लगातार बढ़ रही ऑनलाइन ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह के दिशा-निर्देशानुसार रविवार को पुलिस चौकी दोकड़ा में साइबर जागृति अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस मितानों को साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया।
पुलिस मितानों ने लिया गांव-गांव जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान पुलिस मितानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हर नागरिक तक सुरक्षा संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीण अंचलों में घर-घर जाकर लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से सतर्क रहने के तरीके समझाएंगे।
ग्रामीणों को मुख्य रूप से इन बातों के प्रति किया जाएगा जागरूक:
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन या ओटीपी (OTP) साझा न करें।
- अनजान नंबरों से आए संदिग्ध लिंक, लॉटरी या इनाम के मैसेज पर क्लिक न करें।
- फर्जी बैंक अधिकारी, बिजली बिल काटने या लोन के नाम पर आने वाले फ्रॉड कॉल्स से सावधान रहें।
- अपनी निजी व वित्तीय जानकारी सोशल मीडिया या कॉल पर उजागर न करें।
साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव: चौकी प्रभारी
दोकड़ा चौकी प्रभारी संतोष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि “साइबर जागृति अभियान के जरिए पुलिस मितान सीधे गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे, ताकि कोई भी नागरिक साइबर ठगों के झांसे में न आए।”
संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत करें पुलिस से संपर्क
चौकी प्रभारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल लेनदेन करते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि किसी के साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि होती है, तो बिना घबराए तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें।
