अम्बिकापुर। ग्रामीण इलाकों को साफ-सुथरा बनाने और कचरा प्रबंधन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सरगुजा जिले के सभी गांवों और ग्राम पंचायत मुख्यालयों में 21 मई को एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन होने जा रहा है। इस बैठक में न सिर्फ गांव के विकास पर बात होगी, बल्कि देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के निर्देशों और नए कचरा प्रबंधन नियमों को सरल भाषा में ग्रामीणों को समझाया जाएगा।
कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (नवा रायपुर) और राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मिशन संचालक से मिले निर्देशों के बाद यह आदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 (1) (क) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस विशेष ग्राम सभा को अनिवार्य रूप से आयोजित करने को कहा गया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर रहेगा पूरा फोकस
इस विशेष ग्राम सभा का मुख्य एजेंडा गांव से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे का सही निपटारा करना है। बैठक के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई सिविल अपील और ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ को ग्रामीणों के सामने पढ़कर सुनाया जाएगा। मकसद साफ है—कानून और नियमों की पेचीदगियों को आम जनता तक उनकी अपनी भाषा में पहुँचाया जाए, ताकि हर ग्रामीण सफाई के इस महा-अभियान में अपनी जिम्मेदारी समझ सके।
सरपंच, पंच और सचिवों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस बैठक को महज एक सरकारी औपचारिकता न मानकर जन-आंदोलन बनाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 129 (ख) (3) के तहत इस विशेष ग्राम सभा में कोरम (गणपूर्ति) पूरा करने के साथ-साथ गांव के शत-प्रतिशत नागरिकों को शामिल करने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर गांव के सरपंच, पंच और सचिव को सौंपी गई है।
प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श बनाने के लिए आज होने वाली इस विशेष ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी आवाज बुलंद करें।
