जी-राम-जी योजना से ग्राम सपना में आजीविका डबरी बनी किसान की बहुउपयोगी परिसंपत्ति: सिंचाई के साथ मछली पालन और सेमी की खेती से बढ़ रही आय

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर सार्थक परिणाम देने लगे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित ‘विकसित भारत जी-राम-जी योजना’ के तहत निर्मित आजीविका डबरी किसानों के लिए बहुउपयोगी परिसंपत्ति साबित हो रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सपना के किसान जयलाल के लिए यह योजना न केवल सिंचाई का आधार बनी है, बल्कि उनकी आय दोगुनी करने का जरिया भी बन गई है।

एक संरचना, तीन फायदे: सिंचाई, मछली पालन और सब्जी उत्पादन

किसान जयलाल ने बताया कि पहले बारिश के पानी के समुचित संरक्षण की व्यवस्था न होने के कारण फसलों की सिंचाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। मौसम के भरोसे रहने की मजबूरी के चलते कई बार उत्पादन प्रभावित होता था।

जी-राम-जी योजना के अंतर्गत खेत में आजीविका डबरी बनने के बाद से बारिश का पानी लंबे समय तक संग्रहित रहता है, जिससे आवश्यकतानुसार फसलों की सिंचाई सुगम हो गई है। जयलाल ने इस जल संरचना का बहुउपयोग करते हुए:

  • मछली पालन: डबरी में मछली पालन शुरू कर अतिरिक्त आय का नियमित स्रोत तैयार किया है।
  • सेमी की खेती: संरक्षित जल का उपयोग करते हुए लगभग 50 से 60 डिसमिल भूमि में सेमी (सब्जी) की व्यावसायिक खेती शुरू की है।
  • नियमित सिंचाई: रबी और अन्य नकदी फसलों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

‘विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद’

योजना से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव पर खुशी जाहिर करते हुए किसान जयलाल ने कहा,

“डबरी बनने से खेतों में सिंचाई की सुविधा हो गई है और अब खेती-बाड़ी में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। डबरी के पानी से खेतों को सींचने के साथ मछली पालन भी कर रहे हैं। इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद।”

ग्रामीण आजीविका और जल संरक्षण का सफल मॉडल

ग्राम सपना का यह उदाहरण दर्शाता है कि पारंपरिक जल संरचनाओं को वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से आजीविका से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को किस तरह मजबूती दी जा सकती है। वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भू-जल स्तर को सुधारने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका के नए द्वार खोलने में प्रभावी सिद्ध हो रहा है।

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