नारायणपुर:
शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर नारायणपुर जिला मुख्यालय स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में भव्य ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अनुशासन और संस्कारों से ही संभव है सफलता: केदार कश्यप
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जीवन में अनुशासन, संस्कार, धैर्य और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने परिवार को हर व्यक्ति की पहली पाठशाला बताते हुए कहा, “माता-पिता और गुरुजनों का आदर करना हमारी भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो विद्यार्थियों को तराश कर समाज और राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाते हैं।”
विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने तकनीक के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को मोबाइल फोन का उपयोग केवल अध्ययन और ज्ञानवर्धक कार्यों तक सीमित रखने तथा इसके अनावश्यक भटकाव से बचने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।
पुस्तक का विमोचन और शिक्षकों का सम्मान
समारोह में अबूझमाड़ के लोक-जीवन व वन संपदा पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान भी देखने को मिला। लेखक श्री शिव कुमार पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों ने विधिवत विमोचन किया।
इसके उपरांत, शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक व उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों—जिनमें श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल प्रमुख रहे—को शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, शिक्षण कार्य में नवाचार और समर्पण के लिए विकासखंड स्तर पर 6 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ तथा जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को प्रतिष्ठित ‘ज्ञानदीप पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, नारायणपुर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
