रायपुर/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिलेभर में पूर्ण हुए कुल 6,968 पक्के मकानों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश 11 सितंबर को पूरे उत्साह के साथ कराया गया। 17 सितंबर से शुरू होने वाले राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में परिवारों को पक्की छत मिलना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
पूजा-अर्चना और मंगल गीतों के साथ सौंपी गईं चाबियां जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को नए घरों में प्रवेश कराया गया। वर्षों तक कच्चे मकानों और झोपड़ियों में जीवन यापन करने वाले हजारों परिवारों के चेहरों पर अपनी पक्की छत मिलने की खुशी साफ देखी गई।
विकासखंडवार पूर्ण आवासों का आंकड़ा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से अब तक) में तैयार हुए 6,968 आवासों का ब्लॉकवार विवरण:
- रामचन्द्रपुर: 2,276 आवास
- वाड्रफनगर: 1,772 आवास
- कुसमी: 1,215 आवास
- बलरामपुर: 1,142 आवास
- राजपुर: 353 आवास
- शंकरगढ़: 210 आवास
पक्का आवास सुरक्षा और सम्मान का आधार: कलेक्टर गृह प्रवेश करने वाले सभी परिवारों को बधाई देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, गरिमा और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में शेष स्वीकृत आवासों को तय समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के साथ प्राथमिकता पर पूरा किया जाए, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े हर पात्र व्यक्ति तक योजना का सीधा लाभ पहुंच सके।
हितग्राहियों ने केंद्र व राज्य सरकार का जताया आभार सामूहिक गृह प्रवेश के दौरान लाभान्वित परिवारों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया। हितग्राहियों ने कहा कि सरकारी मदद और लगातार प्रशासनिक निगरानी के कारण उनके पक्के आशियाने का सपना साकार हुआ है। हितग्राहियों ने आगामी सेवा संकल्प अभियान के तहत पर्यावरण व स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी संकल्प लिया।
