जशपुर, 21 मई 2026
सोचिए, आपको एक छोटा सा सरकारी प्रमाण पत्र बनवाना हो और उसके लिए आपको अपना काम-काज छोड़कर, मीलों का सफर तय करके ब्लॉक या जिला मुख्यालय जाना पड़े! जशपुर के दूरस्थ पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक आम समस्या रही है। लेकिन अब जिलेवासियों की इस परेशानी का पक्का और डिजिटल इलाज निकाल लिया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के ऐतिहासिक फैसले के बाद, जशपुर जिला प्रशासन ने राज्य की 400 से अधिक डिजिटल सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाने का जमीनी काम शुरू कर दिया है।
सचिवों को मिली खास ट्रेनिंग, पंचायतें हुईं ‘डिजिटल’
इस बड़ी सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर ‘जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी’ (DeGS) ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में जशपुर, कांसाबेल और पहाड़ी ब्लॉक बगीचा के ग्राम पंचायत सचिवों को ‘सेवा-सेतु पोर्टल’ (e-District 2.0) चलाने की सघन ट्रेनिंग दी गई है। जो ब्लॉक अभी छूट गए हैं, उनके सचिवों की ट्रेनिंग अगले हफ्ते पूरी कर ली जाएगी।
अब ग्राम पंचायतों को प्रशासनिक के साथ-साथ ‘डिजिटल शक्ति’ भी मिल गई है। जिन फाइलों को पास कराने के लिए ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता था, वे अब पंचायत स्तर पर ही ऑनलाइन हल हो जाएंगी।
पंचायत में ही हो जाएंगे ये जरूरी काम:
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत सचिवों को पोर्टल चलाने और फाइलों को अप्रूव (स्वीकृत) करने की लाइव प्रक्रिया सिखाई गई। अब ग्रामीणों को मुख्य रूप से ये सुविधाएं सीधे पंचायत भवन में मिलेंगी:
- विवाह पंजीकरण: शादी का प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा।
- भवन निर्माण NOC: खाली प्लॉट या पुराने मकान पर नए निर्माण के लिए जरूरी ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’।
- स्ट्रीट लाइट की शिकायत: गांव की खराब स्ट्रीट लाइट (बल्ब या ट्यूबलाइट) बदलने की ऑनलाइन शिकायत और उसका निवारण।
- साफ-सफाई: ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर ऑनलाइन निगरानी और प्रबंधन।
डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से रुकेगी फाइलों की लेटलतीफी
अक्सर सरकारी कामों में अफसरों के साइन न होने से फाइलें अटक जाती थीं। इस समस्या को खत्म करने के लिए कार्यशाला में आए जशपुर, कांसाबेल और बगीचा के सभी पंचायत सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) को 100% ऑनलाइन मैप कर दिया गया है।
सीधे शब्दों में कहें तो अब सचिव अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से ही फाइलों को ‘डिजिटल साइन’ करके तुरंत पास कर सकेंगे, जिससे आम जनता को बिना किसी देरी के सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। प्रशासन की इस पहल से जशपुर के जनजातीय और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी ‘डिजिटल इंडिया’ का सीधा फायदा मिलेगा।
