रायपुर, 20 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का माध्यम बनने के साथ-साथ उनकी आजीविका को मजबूत करने में भी मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि का उपयोग कई महिलाएं घरेलू जरूरतों के साथ-साथ छोटे कारोबार, पशुपालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कर रही हैं।
महतारी वंदन योजना राज्य की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसके तहत प्रदेश में करीब 68 लाख महिला लाभार्थी हैं। अब तक लाभार्थियों को 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष के राज्य बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महतारी शक्ति ऋण योजना से स्वरोजगार को बढ़ावा
महतारी वंदन योजना के साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से महतारी शक्ति ऋण योजना भी संचालित की जा रही है। नवंबर 2024 से अब तक करीब 41,124 लाभार्थियों ने 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण का लाभ लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार, इस ऋण सुविधा से सब्जी विक्रय, कारीगरी और अन्य छोटे व्यवसाय करने वाली महिलाओं को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल रही है। इससे महिलाओं की घरेलू आय बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहायता मिल रही है।
इन महिलाओं ने बनाई अपनी पहचान
रानू कैवर्त, आंदी गांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
रानू कैवर्त सिलाई, कपड़े और किराना व्यवसाय के साथ बटेर एवं देसी मुर्गी पालन और हैचरी का काम कर रही हैं। इन गतिविधियों से उनकी वार्षिक आय करीब 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
सीता मरावी, गुडुमदेवारी
सीता मरावी ने किराना दुकान के लिए बैंक से 25 हजार रुपये और मुर्गी पालन के लिए स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण लिया। इन गतिविधियों के विस्तार से उनकी सालाना कमाई करीब 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
सुमन लता वाकरे, गुडुमदेवारी
सुमन लता वाकरे ने स्वयं सहायता समूह से 15 हजार रुपये लेकर किराना दुकान शुरू की। बाद में बैंक ऋण के माध्यम से उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
केजू बाई सलामे, रामगढ़, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
केजू बाई सलामे महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपये की राशि का उपयोग किराना दुकान के लिए सामान का स्टॉक बढ़ाने में कर रही हैं। इससे उनके व्यवसाय में बिक्री बढ़ी है और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में शुरू हुई महतारी वंदन योजना को महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 13.85 लाख महिला सदस्य लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। इसके तहत लखपति दीदियों को देश के विभिन्न व्यापारिक एवं आर्थिक केंद्रों के साथ प्रमुख शक्तिपीठों के भ्रमण का अवसर देने की योजना है।
महतारी वंदन योजना, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार ऋण जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं से जुड़ी महिलाओं की सफलता की कहानियां ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
