सेवा संकल्प अभियान: रायगढ़ में ड्राइंग, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह, ‘सेवा और सपना’ थीम पर बिखेरे रंग

पुसौर (रायगढ़), 19 सितंबर 2026 — ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दूसरे दिन रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड में शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की धूम रही। विकासखंड के समस्त प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने इन प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक सोच, कलात्मक दृष्टि और वाकपटुता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

यह संपूर्ण आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भुवनेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

‘सेवा और सपना’ की थीम पर उकेरी भविष्य की तस्वीर

प्रतियोगिता का मुख्य केंद्र ‘सेवा’ और ‘सपना’ विषय रहा, जिसके आधार पर विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों के जरिए अपने विचार साझा किए:

  • प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर (कक्षा 1 से 8वीं): बच्चों ने निर्धारित शीट पर कलाकृतियां बनाकर स्वच्छता और सेवा भाव का संदेश दिया।
  • हाई एवं हायर सेकेंडरी स्तर: बड़े विद्यार्थियों ने ड्राइंग शीट पर अपनी कल्पनाशीलता को विस्तार देते हुए गंभीर राष्ट्रीय विषयों पर कलात्मक प्रस्तुतियां दीं।

कलाकृतियों और भाषणों में स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत-2047, पर्यावरण संरक्षण तथा देश की सुरक्षा व भारतीय सेना के शौर्य जैसे समसामयिक और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहे। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने ओजस्वी और तार्किक वक्तव्यों से श्रोताओं और शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया।

सोशल मीडिया पर छाया अभियान का उत्साह

अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक संचार माध्यमों का भरपूर उपयोग किया गया। स्कूलों द्वारा छात्र-छात्राओं की पेंटिंग्स, भाषणों के वीडियो और फोटोग्राफ्स को प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया। शिक्षकों, विद्यार्थियों और पालकों ने निर्धारित आधिकारिक हैशटैग का प्रयोग करते हुए इन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया, जिससे स्थानीय स्तर पर अभियान को अच्छा जनसमर्थन मिला।

उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिलेगा जिला स्तर पर मंच

प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन में स्थानीय शिक्षकों और शाला प्रबंधन समितियों (SMC) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संकुल समन्वयकों और संस्था प्रमुखों ने जानकारी दी कि विद्यालय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन आगामी विकासखंड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा को और बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

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