रायपुर। छत्तीसगढ़ की हसीन वादियों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को अब और भी ज्यादा खूबसूरत, सुगम और पर्यटकों के अनुकूल बनाने की कवायद तेज हो गई है। राजभवन (लोकभवन) में आज एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राज्यपाल श्री रमेन डेका से छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) श्री विवेक आचार्य ने सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं को अपग्रेड करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बुजुर्ग पर्यटकों का रखा जाएगा खास ख्याल
बैठक के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने एक बहुत ही संवेदनशील और जरूरी मुद्दा उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के पर्यटन स्थलों को इस तरह विकसित किया जाए कि वहाँ वरिष्ठ नागरिकों यानी बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अक्सर बुनियादी सुविधाओं और कठिन रास्तों की वजह से बुजुर्ग लोग खूबसूरत जगहों पर जाने से कतराते हैं, इसलिए पर्यटन विकास के हर प्रोजेक्ट में उनके आवागमन (रैंप, सुगम रास्ते) और अन्य जरूरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
चित्रकूट, गंगरेल और बूका का बदलेगा स्वरूप
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के तीन सबसे प्रमुख और खूबसूरत पर्यटन केंद्रों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकूट जलप्रपात, धमतरी जिले के खूबसूरत गंगरेल बांध और कोरबा जिले के सुरम्य बूका जलाशय में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर पर्यटकों के लिए रुकने, खाने-पीने और मनोरंजन के ऐसे विश्वस्तरीय साधन विकसित किए जाएं जिससे देश-विदेश के सैलानी यहाँ आने के लिए खिंचे चले आएं।
कोरबा के बूका जलाशय में चलेगी ‘क्रूज’
पर्यटन को एक नया और आधुनिक रोमांच देने के लिए राज्यपाल ने कोरबा के बूका जलाशय में क्रूज सेवा (Cruise Service) शुरू करने का एक शानदार सुझाव दिया। उनका मानना है कि शांत पानी के बीच क्रूज का सफर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को पूरे देश में एक नई और प्रीमियम पहचान दिलाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय आदिवासियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुलाकात के अंत में पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि उनके इन बहुमूल्य सुझावों और निर्देशों को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा ताकि छत्तीसगढ़ पर्यटन के नक्शे पर एक बड़े हब के रूप में उभर सके।
