जशपुर: घोलेंग और सन्ना एकलव्य विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर भड़के कलेक्टर रोहित व्यास, लापरवाही पर दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जशपुर, 23 मई 2026। जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विशेष शिक्षण संस्थाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा) विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गतिविधियों, बोर्ड परीक्षा परिणामों तथा छात्रावासों की व्यवस्थाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई।

घोलेंग और सन्ना स्कूल के नतीजों पर जताई गहरी नाराजगी

​समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने घोलेंग और सन्ना स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों पर तीव्र असंतोष और निराशा व्यक्त की।

​कलेक्टर ने संस्था प्रमुखों को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

​”इन संस्थाओं की स्थापना दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अगर परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता, तो यह बेहद चिंताजनक है। शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को अधिक गंभीरता और जिम्मेदारी से काम करना होगा।”

हर सप्ताह टेस्ट लेने के सख्त निर्देश

​विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने और उनके मूल्यांकन के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • साप्ताहिक और मासिक मूल्यांकन: प्रत्येक सप्ताह सभी विषयों का टेस्ट लेना अनिवार्य होगा। साथ ही नियमित मासिक मूल्यांकन भी किया जाएगा।
  • कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं: पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अलग से विशेष (रेमेडियल) कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
  • अभिभावक संवाद: विद्यार्थियों की प्रगति से उनके माता-पिता को अवगत कराने के लिए नियमित रूप से अभिभावक संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि विकसित करने और एक अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया।

लापरवाही बरतने पर होगी सीधी कार्रवाई

​कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कर्तव्यों के प्रति उदासीनता पाई गई, तो संबंधित प्राचार्यों, शिक्षकों और अधीक्षकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभी से आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार कर तैयारी शुरू करने को कहा।

मूलभूत सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता की भी हुई जांच

​बैठक में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आवासीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। छात्रावासों की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेलकूद और विद्यार्थियों को मिलने वाली अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बच्चों को एक उत्कृष्ट और सुरक्षित आवासीय वातावरण मिलना चाहिए।

बैठक में रहे मौजूद:

इस उच्च स्तरीय बैठक में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह, सहायक संचालक दिव्यांश सिंह चौहान सहित सभी संबंधित संस्थाओं के प्राचार्य, अधीक्षक और मंडल संयोजक मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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