सुशासन सिर्फ कागजों और फाइलों के निपटारे का नाम नहीं है, बल्कि यह तब साकार होता है जब राज्य का मुखिया खुद जनता के सुख-दुख और उनके जीवन के खास पलों का हिस्सा बनता है। बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ समाधान शिविर में कुछ ऐसा ही आत्मीय नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासन की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ आम जनता, विशेषकर महिलाओं और बच्चों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री के हाथों पहला निवाला पाकर खिले नन्हे चेहरों के निवाले
शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर उस समय खुशियों का माहौल दोगुना हो गया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने वहाँ आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बेहद स्नेह के साथ अपनी गोद में लेकर नन्हे बच्चों— शेवांशी चक्रधारी, राध्या यादव, हिमांशी निषाद, कान्हा सेन और अहान बंजारे को अपने हाथों से पहला निवाला (अन्नप्राशन) खिलाया। एक अभिभावक की तरह बच्चों को दुलारते हुए उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
स्वस्थ बच्चों को देख माता-पिता की थपथपाई पीठ
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अंचल के ‘स्वस्थ बच्चों’ से भी मुलाकात की। रुपेश पटेल, चंचल पटेल, प्रींसू चक्रधारी, हार्दिक बंजारे और लोककाव्या खांडे जैसे स्वस्थ और मुस्कुराते बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से उनके पोषण और खान-पान को लेकर बात की। मुख्यमंत्री ने परिजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों का बेहतर पोषण और सही देखभाल ही हमारे आने वाले कल की सबसे मजबूत नींव है।
गर्भवती माताओं की गोदभराई, दिया सुरक्षित मातृत्व का भरोसा
कार्यक्रम में मातृत्व के सुखद अहसास को सम्मान देते हुए गोदभराई की रस्म भी निभाई गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गर्भवती महिलाओं— श्रीमती संतोषी निषाद, श्रीमती पूर्णिमा परेल, श्रीमती ममता पटेल, श्रीमती जयंती बंजारे और श्रीमती रूखमणी पाल को पारंपरिक उपहार और पोषण सामग्री भेंट की। उन्होंने माताओं के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें आने वाले नए जीवन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं।
‘मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
इस संवेदनशील और आत्मीय पल के बाद मुख्यमंत्री ने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा:
”हमारी सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। महिला एवं बाल विकास से जुड़ी हर योजना का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य सिर्फ योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सुदूर गांवों में बैठी हर मां और हर बच्चे तक बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं सीधे पहुंचे, ताकि एक सशक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण हो सके।”
प्रशासनिक शिविरों की व्यस्तता के बीच मुख्यमंत्री का महिलाओं और बच्चों के प्रति यह सहज और मानवीय दृष्टिकोण करहीबाजार के ग्रामीणों के दिलों को छू गया।
