जशपुरनगर, 24 मई 2026:
जशपुर जिले में पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर वन विभाग ने अपना रुख सख्त कर लिया है। हाल ही में मीडिया में “अवैध रूप से काटे गये वृक्ष” शीर्षक से प्रकाशित खबर पर विभाग ने गंभीरता से संज्ञान लिया और त्वरित जांच करते हुए दोषियों पर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
राजस्व क्षेत्र में काटा गया था पेड़
जशपुर के वनमंडलाधिकारी (DFO) ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खबर मिलने के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी जशपुर को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। जब विभागीय टीम ने ग्राम लुईकोना पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर तफ्तीश की, तो पाया गया कि गांव के राजस्व (Revenue) क्षेत्र में स्थित एक पुराने और सूखे ‘साल’ के पेड़ को अवैध रूप से काट दिया गया है। यह पेड़ काफी बड़ा था, और काटे गए तने की गोलाई 2.48 मीटर मापी गई है।
दो आरोपियों की हुई पहचान
मामले की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि इस अवैध कटाई को अंजाम ग्राम लुईकोना के ही रहने वाले दो व्यक्तियों ने दिया है। इनकी पहचान नेपाल राम भगत और रामदायल राम के रूप में हुई है। इन दोनों ने संबंधित विभाग या प्रशासन से बिना कोई वैध अनुमति लिए इस विशाल पेड़ को काट गिराया था।
विभाग ने की कड़ी कानूनी कार्रवाई
अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि:
- दोनों आरोपियों (नेपाल राम भगत और रामदायल राम) के अपराधी बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
- मौके से काटी गई लकड़ियों के संबंध में जब्तीनामा तैयार कर लिया गया है।
- नियमों के अनुसार मौके का पंचनामा भी पूरा कर लिया गया है।
वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में लकड़ी तस्करों और अवैध कटाई करने वालों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों और बिना अनुमति पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त रुख अपनाया जाएगा।
