जशपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के दिन अब लदने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिला प्रशासन ‘सुशासन’ को सीधे जनता की चौखट तक ले जा रहा है। जिले में “सुशासन तिहार 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 05 मई को कांसाबेल के खूंटीटोली से होगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है।
शिविरों का गणित: गांव से लेकर शहर तक
प्रशासन ने पूरे जिले को 36 क्लस्टरों में बांटा है ताकि कोई भी नागरिक छूट न जाए:
- ग्रामीण क्षेत्र: 31 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक शिविर में 11 से 18 गांवों को कवर किया जाएगा।
- नगरीय निकाय: 5 क्लस्टर तय किए गए हैं, जहाँ हर क्लस्टर में करीब 15 वार्डों के नागरिकों की सुनवाई होगी।
प्रमुख तिथियां और स्थान
अभियान का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। जशपुर कलेक्टर ने व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी है:
- शुभारंभ: 05 मई, 2026 (खूंटीटोली, कांसाबेल)।
- बगीचा क्षेत्र: 07 मई से 29 मई तक अलग-अलग स्थानों पर शिविर।
- कवर होने वाले क्षेत्र: कुनकुरी, जशपुर, दुलदुला, मनोरा, पत्थलगांव और फरसाबहार।
- शहरों में दस्तक: नगर पालिका जशपुर व पत्थलगांव समेत बगीचा, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायतों में भी विशेष कैंप लगेंगे।
समाधान की गारंटी: 30 दिन का डेडलाइन
इस ‘तिहार’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी समयसीमा है। नागरिक अपनी समस्याओं का आवेदन सीधे काउंटर पर जमा करेंगे। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह (30 दिन) के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
“यह सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का पुल है। हमारा लक्ष्य है कि आमजन को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े।” — जिला प्रशासन, जशपुर
