छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को एक नई ऊंचाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का लोकार्पण किया। यह पोर्टल चिप्स (CHiPS) द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का एक बेहद उन्नत और आधुनिक संस्करण है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
एक ही छत के नीचे 441 सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2003 में शुरू हुए ‘चॉइस’ मॉडल से शुरू हुआ सफर आज ‘सेवा सेतु’ तक पहुंच गया है। अब प्रदेश के नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इस पोर्टल पर 441 सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं शामिल हैं। 30 से अधिक विभागों को एक साथ जोड़कर इसे एक ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ बना दिया गया है।
व्हाट्सएप और AI से बदली तस्वीर
’सेवा सेतु’ की सबसे बड़ी खासियत इसका तकनीक-हितैषी होना है:
- व्हाट्सएप इंटरफेस: नागरिक अब व्हाट्सएप के जरिए ही सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल साइन किए हुए प्रमाणपत्र भी सीधे अपने फोन पर प्राप्त कर सकेंगे।
- 22 भाषाओं का सपोर्ट: ‘भाषिणी’ तकनीक के उपयोग से यह पोर्टल अब 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी स्थानीय भाषा में काम कर सकेंगे।
- आधार और डिजिलॉकर: ई-केवाईसी और डिजिलॉकर के एकीकरण से दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और तेज हो गई है।
पारदर्शिता के लिए ‘ऑटोमेटिक पेनल्टी’ सिस्टम
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए इस पोर्टल में लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी सेवा में तय समय-सीमा से अधिक की देरी होती है, तो सिस्टम खुद ही पेनल्टी कैलकुलेट करेगा और शिकायत दर्ज कर लेगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
गांव-गांव तक डिजिटल पहुंच
प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक इन सेवाओं को पहुँचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा जाल बिछाया है। वर्तमान में राज्य में:
- 800+ लोक सेवा केंद्र
- 1000+ चॉइस सेंटर
- 15,000+ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री का विजन:
“आधुनिक तकनीक और AI के इस्तेमाल से हम सुशासन को सीधे जनता के हाथ में दे रहे हैं। सेवा सेतु केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि नागरिक सशक्तिकरण का वह माध्यम है जिससे सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता खत्म होगी और आम जन का जीवन सुगम बनेगा।”
इस ऐतिहासिक शुरुआत के दौरान मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और चिप्स के CEO श्री मयंक अग्रवाल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
