सुशासन तिहार 2026: 13 मई को जशपुर के बोडोकछार, चोंगरीबहार, बगीचा और कोतबा में सजेंगे समाधान शिविर

छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन के संकल्प को नई गति देते हुए जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” का कारवां तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, प्रशासन अब सीधे जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। इसी कड़ी में 13 मई 2026 को जिले के चार प्रमुख स्थानों पर विशाल जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

​कहाँ-कहाँ लगेंगे शिविर?

​आगामी 13 मई को जिले के निम्नलिखित क्षेत्रों में ग्रामीण और शहरी नागरिक अपनी मांगों और शिकायतों का आवेदन दे सकेंगे:

  1. ग्राम बोडोकछार (जनपद पंचायत कुनकुरी): यहाँ खण्डसा, रायकेरा, धुमाडांड, कण्डोरा, बेमताटोली, लोधमा, भण्डरी, जोकारी, कमतरा, दाराखरिका, नारायणपुर, रानीकोम्बो, खूटगांव, खरवाटोली, कुडूकेला और सेन्द्रीमुण्डा के ग्रामीण लाभ उठा सकेंगे।
  2. ग्राम पंचायत चोंगरीबहार (जनपद पंचायत कांसाबेल): इस शिविर में बगिया, बांसबहार, चोंगरीबहार, कोरंगा, कटंगखार, देवरी, दोकड़ा, पतरापाली, नक्टीमुण्डा, शब्दमुण्डा, कोटानपानी, तिलंगा और सेमरकछार के नागरिक शामिल होंगे।
  3. नगर पंचायत बगीचा: यहाँ के वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक के नागरिक अपनी समस्याओं का पंजीकरण करा सकेंगे।
  4. नगर पंचायत कोतबा: यहाँ भी वार्ड क्रमांक 1 से 15 के निवासियों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया है।

​प्रशासन आपके द्वार: समयबद्ध होगा निराकरण

​सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य फाइलों को दफ्तरों से बाहर निकालकर धरातल पर समाधान खोजना है। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इन शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा, बल्कि एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

​कलेक्टर ने सभी नोडल और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

​नागरिकों से अपील

​जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से उत्साहपूर्वक इन शिविरों में शामिल होने की अपील की है। ग्रामीणों और वार्ड वासियों से कहा गया है कि वे अपनी मूलभूत समस्याओं (जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पानी, सड़क) या सरकारी योजनाओं से जुड़ी मांगों के लिए निर्धारित स्थान पर पहुँचें और आवेदन प्रस्तुत करें।

​यह अभियान न केवल शासन-प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम कर रहा है, बल्कि विकास की मुख्यधारा से दूर बैठे ग्रामीणों तक त्वरित न्याय पहुँचाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है।

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