कोरबा | छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत ग्राम पंचायत चोढा में एक वृहद बहुउद्देशीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर ने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया, बल्कि शासन और प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया।
विधायक और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कटघोरा विधायक श्री प्रेमचन्द्र पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत पाली की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शोभा सिंह जगत, जनपद सदस्य श्रीमती अंजली कौशल श्रीवास और श्रीमती गंगोत्री चन्द्रपाल मरार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय सरपंच श्रीमती सुनीता करपे ने की। इस आयोजन में चोढा के साथ-साथ मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, उतरदा और नेवसा पंचायतों के सरपंचों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
मौके पर मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे, जहाँ पात्र हितग्राहियों को तत्काल सहायता प्रदान की गई:
- कृषि विभाग: शाकाम्भरी योजना के तहत हितग्राही किताब घासीराम को डीजल पंप प्रदान किया गया।
- पंचायत विभाग: 07 नए राशन कार्डों का वितरण हुआ।
- समाज कल्याण: 06 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश और एक दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र (Hearing Aid) दिया गया।
- राजस्व विभाग: 06 किसानों को डिजिटल किसान किताब और 04 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र सौंपा गया।
त्वरित निराकरण: आंकड़ों की नज़र से
शिविर की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्लस्टर की 9 पंचायतों (चोढा, मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, सिरली, कसियाडीह, उतरदा और नेवसा) से कुल 576 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 153 शिकायतों व माँगों का त्वरित निराकरण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निराकरण हेतु भेजा गया।
”सुशासन तिहार के ये शिविर उन ग्रामीणों के लिए वरदान हैं जो जिला या जनपद मुख्यालय तक नहीं पहुँच पाते। एक ही छत के नीचे सभी विभागों की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि शासन की योजनाएं फाइलों से निकलकर सीधे जनता के हाथों तक पहुँचें।”
— श्री प्रेमचन्द्र पटेल, विधायक कटघोरा
जनता में भारी उत्साह
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होती है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने शासन की इस मंशा को दोहराया कि विकास की दौड़ में कोई भी पीछे न छूटे।
