छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब नगर तथा ग्राम निवेश (Town and Country Planning) विभाग में ‘सहायक संचालक (योजना)’ के पदों पर सीधी और नियमित भर्ती की गई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा अंतिम चयन परिणाम जारी किए जाने के साथ ही विभाग को अब 21 नए ऊर्जावान अधिकारी मिल गए हैं।
वित्त मंत्री की बधाई: “यह केवल पद नहीं, जिम्मेदारी है”
प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस ऐतिहासिक भर्ती पर खुशी जाहिर करते हुए चयनित युवाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जिस तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, वहां वैज्ञानिक और नियोजित विकास (Planned Development) की सख्त ज़रूरत है।
”यह भर्ती महज खाली पदों को भरना नहीं है, बल्कि हमारे शहरों को आधुनिक, सुंदर और संतुलित बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश है। इन युवा अधिकारियों के पास प्रदेश के कस्बों और शहरों की तस्वीर बदलने का अवसर और कौशल दोनों है।” — ओपी चौधरी, वित्त मंत्री
भर्ती प्रक्रिया पर एक नज़र
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया है:
- लिखित परीक्षा: 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी।
- साक्षात्कार (Interview): 12 मई 2026 को संपन्न हुए।
- अंतिम परिणाम: लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
अब तक विभाग में अधिकारियों की कमी के कारण शहरी नियोजन और मास्टर प्लान जैसे कार्यों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इन 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति से:
- मास्टर प्लान: प्रदेश के शहरों और उभरते कस्बों के मास्टर प्लान को समय पर और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
- स्मार्ट शहरीकरण: आधुनिक तकनीकों के जरिए ‘स्मार्ट सिटी’ के कॉन्सेप्ट को ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक ले जाने में मदद मिलेगी।
- पर्यावरण संतुलन: नियोजित विकास से पर्यावरण और कंक्रीट के जंगलों के बीच संतुलन बनाना आसान होगा।
सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री श्री चौधरी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को न केवल रोजगार देना है, बल्कि उन्हें शासन-प्रशासन का हिस्सा बनाकर प्रदेश के नवनिर्माण में भागीदार बनाना है। यह चयन प्रक्रिया सरकार की इसी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
