विशेष रिपोर्ट | प्रशंख संवाद
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के गलियारों में नियम, ईमानदारी और प्रशासनिक कड़ाई का एक ऐसा नाम है, जिससे गलत काम करने वाले थर-थर कांपते हैं—तुकाराम मुंढे। महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के इस तेज़तर्रार अफसर के नाम पिछले 20-21 सालों के करियर में लगभग 25 बार तबादले का अनूठा रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है। औसतन हर 9 से 10 महीने में उनका ट्रांसफर कर दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में रत्ती भर भी नरमी नहीं आई है।
🏛️ किसान परिवार से ‘वाटर मैन’ और ‘सिंघम’ तक का सफर
महाराष्ट्र के बीड़ जिले के ताडसोना गांव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे तुकाराम मुंढे ने 2005 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा था।
- सोलापुर के ‘वाटर मैन’: सोलापुर में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने भीषण जल संकट से जूझ रहे सैकड़ों गांवों तक पानी पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें ‘महाराष्ट्र का वॉटर मैन’ कहा गया।
- अवैध निर्माणों पर नकेल (नवी मुंबई व नागपुर): नवी मुंबई महापालिका आयुक्त रहते हुए उन्होंने अवैध होर्डिंग्स और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलवाया। नागपुर में भी उनका यह सख्त रुख जारी रहा।
- परिवहन व स्वास्थ्य सुधार (पुणे व अन्य): पुणे PMPML, नासिक महापालिका और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण में भी उनके कड़े फैसलों ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी हलचल मचाई।
राजनीतिक दबाव के आगे न झुकने और भ्रष्टाचारियों व नियम तोड़ने वालों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने की वजह से उन्हें बार-बार तबादलों का सामना करना पड़ता है। उनके समर्थक इन तबादलों को उनकी ईमानदारी का ‘मेडल’ मानते हैं।
🔍 पिछले 60 दिनों की ग्राउंड रिपोर्ट: FDA में ‘मुंढे स्टाइल’ कार्रवाई
वर्तमान में तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। पिछले दो महीनों (जुलाई – अगस्त 2026) के दौरान उन्होंने राज्यभर के खाद्य और औषधि तंत्र में हड़कंप मचा रखा है।
📊 तुकाराम मुंढे: FDA कमिश्नर के रूप में मुख्य कदम (हालिया 60 दिन)
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1. मिलावटखोरों और असुरक्षित रेस्तरां पर सीधा क्रैकडाउन व लाइसेंस सस्पेंशन।
2. स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध।
3. FDA टेस्टिंग लैब्स को 24/7 और शिफ्ट वाइज संचालित करने का आदेश।
4. लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को अल्टीमेटम: "काम करो या इस्तीफा दो"।
1. मुंबई व महाराष्ट्र के रेस्तरां-होटलों पर नकेल
पिछले 60 दिनों में FDA ने मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले दर्जनों होटलों और रेस्तरां पर छापेमारी कर उनके लाइसेंस निलंबित और सील किए हैं। जब मुंबई के होटल मालिकों ने सवाल उठाया कि सीधा टाला क्यों लगाया जा रहा है, तो मुंढे ने साफ कहा: “जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ पर कोई दूसरा मौका नहीं मिलेगा।”
2. ‘कामचोरों को छुट्टी, लैब्स 24 घंटे चलेंगी’ (जुलाई विवाद)
छत्रपति संभाजीनगर स्थित FDA लैब के 29 अधिकारियों ने मंत्री से शिकायत की थी कि उनसे वीकेंड और शिफ्टों में काम कराया जा रहा है। इस पर मुंढे ने सख्त रुख अपनाते हुए 7 अगस्त को कहा:
“खाद्य सुरक्षा लैब कोई सामान्य दफ्तर नहीं, आपातकालीन सेवा है। नियम अनुसार 8 घंटे ही काम लिया जा रहा है। जिन्हें सरकारी नियमों के तहत जनता के हित में काम करना मंजूर नहीं, वे इस्तीफा देकर घर जा सकते हैं।”
3. महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा तबादले का मुद्दा
हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड सहित कई नेताओं ने मांग उठाई कि तुकाराम मुंढे का तबादला कम से कम 3 साल तक न किया जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके जवाब में सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि फिलहाल उनके तबादले का कोई प्रस्ताव नहीं है और वे अपना काम निर्भीक होकर जारी रखेंगे।
