रायपुर, 04 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ प्रदेश के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान का एक भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक नया उदाहरण बलरामपुर जिले में देखने को मिला, जहाँ 10 महीने से लंबित एक राशन कार्ड का आवेदन हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के बाद शीघ्र निराकृत कर दिया गया।
10 महीने से भटक रही थीं गायत्री यादव
बलरामपुर जिले के ग्राम भेण्डरी की निवासी श्रीमती गायत्री यादव लंबे समय से राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान थीं।
- समस्या: आवेदन किए 10 महीने बीत चुके थे, लेकिन राशन कार्ड जारी नहीं हो पा रहा था।
- प्रभाव: कार्ड न होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न और अन्य जनकल्याणकारी शासकीय योजनाओं के लाभ से वे वंचित थीं।
- हेल्पलाइन का सहारा: सभी प्रयासों के बाद जब समाधान नहीं मिला, तो उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग हरकत में आया। अधिकारियों ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए आवश्यक जांच प्रक्रिया पूर्ण की और तत्काल नया राशन कार्ड जारी कर दिया।
“राशन कार्ड न होने से हमें सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद मेरी समस्या का इतनी जल्दी समाधान हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। अब हमें नियमित रूप से सस्ती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेगा।” > — श्रीमती गायत्री यादव (लाभार्थी)
सुशासन और जवाबदेही का प्रतीक
छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य ध्येय प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए केवल राशन कार्ड ही नहीं, बल्कि:
- पेंशन योजनाएं
- बिजली एवं पेयजल आपूर्ति
- राजस्व मामले
- अन्य विभागीय शिकायतें
इन सभी का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
