जशपुर: दुलदुला स्वास्थ्य केंद्र में सिकल सेल मरीजों के लिए विशेष शिविर, शादी से पहले ‘सिकल कुंडली’ मिलाने और योग अपनाने की दी गई सलाह

जशपुर, 22 मई 2026

​सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने और मरीजों को मानसिक व शारीरिक संबल देने के लिए जिला प्रशासन एक सराहनीय पहल कर रहा है। इसी कड़ी में आज जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के आपसी तालमेल से ‘संगवारी संस्था’ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) दुलदुला में एक विशेष सिकल सेल ओपीडी और पीयर सपोर्ट मीटिंग (Peer Support Meeting) का आयोजन किया गया।

​इस बेहद संवेदनशील और उपयोगी कार्यक्रम में मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक में कुल 22 मरीज और उनके परिवार के सदस्यों सहित 40 लोग शामिल हुए, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा जीवनशैली में सुधार के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

​विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में हुआ मंथन

​कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • डॉ. कृपाचार्य यादव (योग चिकित्सक, जिला अस्पताल)
  • डॉ. अंजली निराला (प्रभारी बीएमओ, CHC दुलदुला)
  • डॉ. दीपिका (सिकल सेल नोडल अधिकारी)
  • विक्रम प्रामाणिक (सहायक जिला समन्वयक, संगवारी संस्था)
  • रीतू मंडल (स्टाफ नर्स)

​बढ़ती गर्मी में बचाव और ‘योग’ का पाठ

​चूंकि इस समय प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है, इसलिए डॉक्टरों ने सिकल सेल के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी। चिकित्सकों ने बताया कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) नहीं होने देनी चाहिए। संतुलित खानपान और एक अनुशासित दिनचर्या अपनाकर इस बीमारी के प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

​इस दौरान योग चिकित्सक डॉ. कृपाचार्य यादव ने मरीजों और उनके परिजनों को तनाव मुक्त और स्वस्थ रहने के लिए कुछ बेहद आसान योगाभ्यासों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उपस्थित लोगों को अनुलोम–विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और तिर्यक ताड़ासन जैसे आसन कराए गए और इन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

​’सिकल कुंडली मिलान’ पर विशेष जोर

​कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश सिकल सेल के प्रति सामाजिक जागरूकता को लेकर था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि सिकल सेल को अगली पीढ़ी में जाने से रोकने के लिए शादी से पहले ‘सिकल कुंडली’ (सिकल सेल रिपोर्ट) का मिलान जरूर किया जाना चाहिए।

​इसके साथ ही उन्होंने मरीजों को आश्वस्त किया कि सही समय पर नियमित जांच और बिना नागा किए डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं का सेवन करने से एक सामान्य और बेहतर जीवन जिया जा सकता है। संगवारी संस्था और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त पहल की स्थानीय लोगों और मरीजों ने काफी सराहना की है।

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