जशपुर: सुशासन शिविर बना दिव्यांगों का सहारा; सुगन्ती तिर्की को मिली ट्राइसाइकिल, तीन बुजुर्गों की पेंशन भी हुई मंजूर

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार की ‘सुशासन’ वाली प्राथमिकता अब धरातल पर रंग ला रही है। जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर (सुशासन तिहार 2026) में न केवल ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं, बल्कि कई पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ देकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई गई।

सुगन्ती को मिला स्वावलंबन का पहिया

​शिविर की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई जब ग्राम सिमड़ा की रहने वाली दिव्यांग सुगन्ती तिर्की को शासन की ओर से ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। अब तक अपनी आवाजाही के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली सुगन्ती ने भावुक होकर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “अब मुझे कहीं आने-जाने के लिए किसी का हाथ नहीं पकड़ना पड़ेगा, मैं खुद अपने काम कर सकूंगी।”

बुजुर्गों को मिला सम्मान और सहारा

​प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण देते हुए शिविर में तीन अन्य बुजुर्ग हितग्राहियों— डोम, नूपपति और रामेश्वर साय को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन स्वीकृति आदेश सौंपे गए। लंबे समय से पेंशन का इंतजार कर रहे इन ग्रामीणों ने प्रमाण पत्र मिलते ही खुशी जाहिर की और प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की।

मौके पर समाधान, यही सुशासन की पहचान

​शिविर के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश भर में आयोजित हो रहे ‘सुशासन तिहार’ का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का निराकरण उनके घर के पास ही करना है। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया और पात्र लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील की।

​शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

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