छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लैक्रॉस टूर्नामेंट में भारतीय महिला लैक्रॉस टीम ने कड़े मुकाबले में सिंगापुर को शिकस्त देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के महलोई क्षेत्र की तीन बेटियों—सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कलेक्टर से की मुलाकात, मिला हरसंभव सहयोग का भरोसा पदक जीतकर रायगढ़ लौटने के बाद तीनों खिलाड़ी अपने कोच देवावतार चौधरी के साथ कलेक्टोरेट पहुंचीं। यहां उन्होंने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से सौजन्य मुलाकात की। कलेक्टर ने खिलाड़ियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि रायगढ़ की बेटियों द्वारा वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना पूरे जिले और राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रशासन भविष्य में भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराता रहेगा।
वित्त मंत्री और जिला प्रशासन के सहयोग को सराहा टीम के कोच देवावतार चौधरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों ने जबरदस्त अनुशासन और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के निरंतर प्रोत्साहन और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन को दिया।
सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया की यह उपलब्धि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।
