निमोनिया और गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने परिजनों से की समय पर टीकाकरण कराने की अपील
जशपुरनगर, 21 सितंबर 2026:
जिले में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों और किशोरों को गंभीर संक्रमण से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल की गई। जिला चिकित्सालय के मातृ-शिशु भवन (MCH) में आयोजित विशेष टीकाकरण शिविर के दौरान 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 69 सिकल सेल प्रभावित बच्चों एवं किशोरों को न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (PCV-13) की खुराक दी गई।
यह विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी. एस. जात्रा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सिकल सेल मरीजों के लिए क्यों जरूरी है न्यूमोकोकल वैक्सीन?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सिकल सेल रोग से ग्रसित बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) सामान्य बच्चों की तुलना में कमजोर होती है, जिससे उनमें बैक्टीरियल संक्रमण, खासकर न्यूमोकोकल निमोनिया, सेप्सिस और श्वसन संबंधी अन्य गंभीर जटिलताओं का जोखिम काफी अधिक रहता है।
ऐसे में PCV-13 वैक्सीन इन बच्चों को बैक्टीरिया जनित जानलेवा संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती है और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम करती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों और ‘सिकल सेल संगवारी’ की रही सक्रिय भूमिका
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित बच्चों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया तथा सिकल सेल प्रबंधन में टीकों की भूमिका और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। विभाग ने अपील की कि पात्र बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएं और मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण से बचाव की जरूरी सावधानियां बरतें।
इस विशेष टीकाकरण सत्र में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विपिन कुमार इंदवार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह, जिला सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. ममता सिंह एवं सहायक नोडल अधिकारी देवेंद्र कुमार राठौर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। शिविर के सुचारू संचालन और हितग्राहियों को केंद्र तक लाने में ‘सिकल सेल संगवारी टीम, जशपुर’ का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
