CM विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल: सड़क हादसे के शिकार शशिकांत AIIMS रायपुर में भर्ती, इलाज के लिए 4 लाख रुपये मंजूर

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के त्वरित हस्तक्षेप के बाद धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर और उच्चस्तरीय इलाज की नई उम्मीद मिली है। सोशल मीडिया के जरिए शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया, फोन पर उनसे बातचीत कर हौसला बढ़ाया और तुरंत एम्स (AIIMS) रायपुर में भर्ती कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई है।

फोन पर बात कर जाना हाल-चाल, दिए त्वरित इलाज के निर्देश

मुख्यमंत्री के संज्ञान लेते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका सघन उपचार शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने स्वयं दूरभाष पर शशिकांत से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

2016 के हादसे के बाद 50 दिन कोमा में रहे थे शशिकांत

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में शशिकांत गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चोट इतनी गंभीर थी कि वे लगभग 50 दिनों तक कोमा में रहे। दुर्घटना के चलते उन्हें सर्वाइकल इंजरी हुई, जिससे उनके हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई और वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। परिजनों ने कई वर्षों तक अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज कराया, लेकिन आर्थिक तंगी और जटिल स्थिति के कारण अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।

शशिकांत ने जताया आभार: “सीएम का फोन आना जीवन का बड़ा संबल”

मुख्यमंत्री की इस तत्परता और आर्थिक मदद से भावुक होकर शशिकांत और उनके परिजनों ने सीएम विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। शशिकांत ने कहा कि प्रदेश के मुखिया का खुद फोन कर हाल-चाल जानना, एम्स में भर्ती कराना और 4 लाख रुपये की मदद स्वीकृत करना उनके और उनके परिवार के लिए जीवन का सबसे बड़ा संबल बनकर सामने आया है।

प्रमुख बिंदु:

  • मरीज: शशिकांत भरत (29 वर्ष), निवासी ग्राम देवपुर, जिला धमतरी।
  • स्थिति: 2016 के सड़क हादसे के बाद सर्वाइकल समस्या व दिव्यांगता से जूझ रहे थे।
  • सरकारी सहायता: AIIMS रायपुर में विशेष इलाज और 4 लाख रुपये की त्वरित आर्थिक मदद।

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