- ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से चमका बिहान की महिलाओं का हुनर
- लड्डू गोपाल समूह को मिला 37 हजार दीयों का आर्डर, क्लस्टरों में भी जोरों पर तैयारी
- 17 सितंबर की शाम महासमुंद जिले में एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’
महासमुंद (16 सितम्बर 2026):
मिट्टी को आकार देती हुनरमंद उंगलियां, आंखों में आत्मनिर्भरता का सपना और मन में सेवा का भाव—महासमुंद जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां इन दिनों स्वावलंबन की नई मिसाल पेश कर रही हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने इन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में दीपावली से पहले ही खुशियों और आमदनी की रोशनी बिखेर दी है।
समूहों को मिले बंपर ऑर्डर, हुनर को मिला बाजार
जिले में दीयों की मांग को पूरा करने के लिए महिला समूह युद्धस्तर पर निर्माण कार्य में जुटे हैं। महासमुंद के ‘लड्डू गोपाल स्व-सहायता समूह’ को अकेले 37 हजार दीये तैयार करने का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्लस्टरों को भी व्यापक जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें:
- कोमाखान क्लस्टर: 10,000 दीये
- तेंदुकोना क्लस्टर: 9,000 दीये
- खल्लारी क्लस्टर: 8,000 दीये
- खम्हरिया क्लस्टर: 7,000 दीये
प्रशासन द्वारा प्रति दीया 1 रुपये की दर निर्धारित की गई है। समूहों के लिए यह केवल आर्थिक आमदनी का जरिया नहीं, बल्कि पारंपरिक शिल्प कला के जरिए सशक्त बनने का मजबूत मंच साबित हो रहा है।
हाथों से बना दीया बनेगा आभार और सेवा का संदेश
लड्डू गोपाल समूह की अध्यक्ष भोज बाई चक्रधारी ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उनके हाथों से गढ़ा हर दीया इस बार विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि समय से पहले मिले इस बड़े काम से परिवारों में त्योहार सा माहौल है और मेहनत का सीधा लाभ उनके बैंक खातों तक पहुंचेगा।
वहीं समूह की सदस्य रमा चक्रधारी, गायत्री सिन्हा, योगेश्वरी दीवान, कविता दीवान और सुनीता सिन्हा ने कहा कि वे इन दीयों के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सेवा-संकल्प की भावना को घर-घर पहुंचा रही हैं। यह उनके श्रम, सम्मान और हुनर की पहचान का उत्सव बन गया है।
17 सितंबर को 6 लाख दीपों से जगमगाएगा महासमुंद
जिले में 17 सितंबर की शाम ऐतिहासिक दीपोत्सव का गवाह बनेगी। इस दिन महासमुंद में कुल 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे। प्रमुख मंदिरों, चौक-चौराहों, ग्राम पंचायत भवनों, उचित मूल्य की दुकानों (पीडीएस) और सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ नागरिकों से अपने घरों में भी दीप जलाने की अपील की गई है। इस महाआयोजन में जलने वाले दीपकों की रोशनी बिहान की इन कर्मठ महिलाओं के परिश्रम और स्वावलंबन को भी जगमग करेगी।
